विषयपरक / लिखित प्रश्न (25)
1. रघुवीर सहाय के जीवन और प्रमुख रचनाओं का साहित्यिक परिचय दीजिए।
2. रघुवीर सहाय की काव्य-संवेदना की प्रमुख विशेषताओं का आलोचनात्मक विवेचन कीजिए।
3. रघुवीर सहाय की काव्यभाषा और काव्य-शिल्प का विश्लेषण कीजिए।
4. ‘पढ़िए गीता’ और ‘अधिनायक’ में व्यक्त सामाजिक-राजनीतिक चेतना का विवेचन कीजिए।
5. ‘अकाल और आत्महत्या के विरुद्ध’ में जनजीवन और व्यवस्था-बोध की अभिव्यक्ति का विश्लेषण कीजिए।
6. अज्ञेय के जीवन और प्रमुख रचनाओं का साहित्यिक परिचय दीजिए।
7. प्रयोगवाद की प्रमुख विशेषताओं का विवेचन करते हुए अज्ञेय के योगदान का मूल्यांकन कीजिए।
8. अज्ञेय की काव्य-संवेदना और काव्य-शिल्प की विशिष्टताओं का आलोचनात्मक अध्ययन कीजिए।
9. ‘आज थका हिय हारिल मेरा’ में व्यक्त भाव-जगत का विश्लेषण कीजिए।
10. ‘बावरा अहेरी’, ‘शब्द और सत्य’ तथा ‘मेरे देश की आँखें’ में अज्ञेय की काव्य-दृष्टि के विविध रूपों को स्पष्ट कीजिए।
11. गजानन माधव मुक्तिबोध के जीवन और काव्य-रचनाओं का परिचय दीजिए।
12. मुक्तिबोध की नई काव्य-संवेदना की प्रमुख विशेषताओं का विवेचन कीजिए।
13. मुक्तिबोध के काव्य में प्रगतिशील चेतना के स्वरूप का विश्लेषण कीजिए।
14. हिंदी निबंध की अवधारणा, स्वरूप और प्रमुख विशेषताओं का विवेचन कीजिए।
15. भारतेन्दु हरिश्चंद्र के ‘भारतवर्ष की उन्नति कैसे हो सकती है?’ निबंध की राष्ट्रीय चेतना का विश्लेषण कीजिए।
16. बालमुकुंद गुप्त के ‘एक दुराशा’ में व्यक्त सामाजिक और राष्ट्रीय दृष्टि का विवेचन कीजिए।
17. रामचंद्र शुक्ल के ‘क्रोध’ निबंध में मनोवैज्ञानिक दृष्टि और विचार-शैली का विश्लेषण कीजिए।
18. हजारीप्रसाद द्विवेदी के ‘कुटज’ निबंध में प्रकृति, जीवन-दृष्टि और मानवीय मूल्यों का विवेचन कीजिए।
19. विद्यानिवास मिश्र के ‘घने नीम तरु तले’ में संस्कृति और लोकजीवन की अभिव्यक्ति का अध्ययन कीजिए।
20. हरिशंकर परसाई के ‘विकलांग श्रद्धा का दौर’ में व्यंग्य की सामाजिक भूमिका का विवेचन कीजिए।
21. अज्ञेय के ‘बसंत का अग्रदूत’ संस्मरण की साहित्यिक विशेषताओं का आलोचनात्मक अध्ययन कीजिए।
22. फणीश्वरनाथ रेणु की ‘तीसरी कसम के सेट पर’ रिपोर्ताज की विशेषताओं का विवेचन कीजिए।
23. रिपोर्ताज, संस्मरण और व्यंग्य में अंतर स्पष्ट करते हुए इनके साहित्यिक स्वरूप पर प्रकाश डालिए।
24. असगर वजाहत के ‘जिस लाहौर नई देख्या सो जम्याई नई’ नाटक में सांप्रदायिकता और मानवीयता का द्वंद्व स्पष्ट कीजिए।
25. ‘जिस लाहौर नई देख्या सो जम्याई नई’ के प्रमुख पात्रों के माध्यम से नाटक की वैचारिक दृष्टि का विवेचन कीजिए।