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हिन्दी मेजर · प्रथम सेमेस्टर · पेपर-I + पेपर-II संयुक्त

बी.ए. प्रथम सेमेस्टर — हिन्दी मेजर

पाठ्यक्रम-आधारित विषयपरक अभ्यास · कुल 25 प्रश्न · केवल हिन्दी

विषयपरक / लिखित प्रश्न (25)

1. आधुनिक खड़ी बोली कविता के आरम्भ की ऐतिहासिक एवं साहित्यिक पृष्ठभूमि स्पष्ट कीजिए।

2. द्विवेदी युगीन काव्य-प्रवृत्तियों की प्रमुख विशेषताओं का विवेचन करते हुए मैथिलीशरण गुप्त के योगदान को स्पष्ट कीजिए।

3. मैथिलीशरण गुप्त के जीवन, व्यक्तित्व और प्रमुख कृतियों का आलोचनात्मक परिचय दीजिए।

4. ‘साकेत’ में रामकाव्य परम्परा के पुनर्सृजन का विवेचन कीजिए।

5. ‘साकेत’ की मौलिकता और आधुनिकता को उसके कथ्य एवं दृष्टिकोण के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

6. ‘साकेत’ के महाकाव्यत्व का परीक्षण करते हुए उसके भाव-व्यंजना और पात्र-परिकल्पना पर प्रकाश डालिए।

7. ‘साकेत’ की भाषा-शैली की प्रमुख विशेषताओं का आलोचनात्मक विवेचन कीजिए।

8. ‘साकेत’ के नवम सर्ग के काव्य-सौन्दर्य एवं संवेदना का विश्लेषण कीजिए।

9. जयशंकर प्रसाद के जीवन और प्रमुख रचनाओं का साहित्यिक परिचय दीजिए।

10. छायावादी काव्य की प्रमुख प्रवृत्तियों का विवेचन करते हुए ‘कामायनी’ का स्थान निर्धारित कीजिए।

11. ‘कामायनी’ के महाकाव्यत्व और युगबोध का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

12. ‘कामायनी’ के ‘चिंता’ सर्ग के काव्य-सौन्दर्य की समीक्षा कीजिए।

13. ‘कामायनी’ की भाषा और शैली की प्रमुख विशेषताओं का विवेचन कीजिए।

14. कहानी की अवधारणा, स्वरूप और प्रमुख तत्त्वों का विवेचन कीजिए।

15. उपन्यास की अवधारणा, स्वरूप और कहानी से उसके अंतर को स्पष्ट कीजिए।

16. प्रेमचंद की ‘गुल्ली डंडा’ में स्मृति, सामाजिक यथार्थ और मानवीय संबंधों का विवेचन कीजिए।

17. ‘गुल्ली डंडा’ कहानी के शीर्षक की सार्थकता और कथ्य का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।

18. चंद्रधर शर्मा गुलेरी की ‘उसने कहा था’ में प्रेम, त्याग और कर्तव्य-बोध की अभिव्यक्ति का विवेचन कीजिए।

19. ‘उसने कहा था’ की कथानक-रचना और चरित्र-चित्रण की विशेषताओं का अध्ययन कीजिए।

20. जयशंकर प्रसाद की ‘पुरस्कार’ कहानी में आदर्श और यथार्थ के अंतर्संबंध को स्पष्ट कीजिए।

21. ‘पुरस्कार’ कहानी की नायिका के चरित्र और उसके निर्णय की साहित्यिक सार्थकता पर विचार कीजिए।

22. यशपाल की ‘महाराजा का इलाज’ में व्यंग्य और सामाजिक-राजनीतिक यथार्थ का विवेचन कीजिए।

23. ‘महाराजा का इलाज’ की कथा-शैली एवं व्यंग्यात्मकता का आलोचनात्मक अध्ययन कीजिए।

24. अमरकांत की ‘दोपहर का भोजन’ में गरीबी और पारिवारिक विवशता के यथार्थ का विवेचन कीजिए।

25. ‘दोपहर का भोजन’ कहानी के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।