Subjective / Written Questions (25)
1. सगुण भक्तिकाव्य में राम और कृष्ण भक्ति की वैचारिक भिन्नताओं का तुलनात्मक विवेचन कीजिए।
2. सगुण भक्ति की काव्य-भाषा और लोक-संस्कृति के संबंध का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
3. तुलसीदास की भक्ति-दृष्टि में लोकमंगल और मर्यादा की अवधारणा का विश्लेषण कीजिए।
4. सूरदास के काव्य में वात्सल्य और माधुर्य भाव की सौंदर्यगत संरचना स्पष्ट कीजिए।
5. रीतिकाव्य में श्रृंगार-चेतना और काव्यशास्त्रीय अनुशासन के अंतर्संबंध का मूल्यांकन कीजिए।
6. रीतिकालीन आचार्यत्व और कवित्व के संबंध की आलोचनात्मक समीक्षा कीजिए।
7. हिन्दी नाटक के विकास में रंगमंचीयता और पाठ-रचना के संबंध को स्पष्ट कीजिए।
8. नाटक में संवाद, संघर्ष और दृश्य-रचना की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
9. हिन्दी की गद्य-विधाओं में आत्मकथा, संस्मरण और रेखाचित्र की विशिष्टताओं की तुलना कीजिए।
10. पाश्चात्य काव्यशास्त्र के अनुकरणवादी सिद्धांत का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
11. अरस्तू के त्रासदी-सिद्धांत और विरेचन की अवधारणा का विश्लेषण कीजिए।
12. मार्क्सवादी और मनोविश्लेषणवादी आलोचना-दृष्टियों की तुलनात्मक समीक्षा कीजिए।
13. संरचनावादी और उत्तर-संरचनावादी आलोचना के बीच मूलभूत अंतर स्पष्ट कीजिए।
14. आधुनिक हिन्दी साहित्य के इतिहास में भारतेंदु युग की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
15. द्विवेदी युग की वैचारिकता और राष्ट्रीय चेतना का आलोचनात्मक विवेचन कीजिए।
16. छायावाद के उदय की सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक पृष्ठभूमि स्पष्ट कीजिए।
17. लोक साहित्य की मौखिक परंपरा और सामुदायिक स्मृति के संबंध का विश्लेषण कीजिए।
18. लोकगीतों में स्त्री-अनुभव और सामाजिक संरचना के अंतर्संबंध पर विचार कीजिए।
19. लोककथा और मिथक के संबंध को हिन्दी लोक-साहित्य के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।
20. लोक साहित्य के अध्ययन में क्षेत्रीय विविधता की समस्या और महत्त्व का परीक्षण कीजिए।
21. भक्ति और रीतिकाव्य के सौंदर्यबोध में अंतर को सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भों सहित स्पष्ट कीजिए।
22. हिन्दी नाटक में रंगमंचीयता को केवल पाठगत गुण न मानने के कारण स्पष्ट कीजिए।
23. पाश्चात्य समीक्षा सिद्धांतों के भारतीय साहित्य पर प्रयोग की संभावनाओं और सीमाओं का मूल्यांकन कीजिए।
24. आधुनिक हिन्दी साहित्य के इतिहास-लेखन में काल-विभाजन की समस्याओं पर आलोचनात्मक टिप्पणी कीजिए।
25. लोक साहित्य और लिखित साहित्य के अंतर्संबंध का समकालीन संदर्भ में मूल्यांकन कीजिए।